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Sunday, February 9, 2020

शिक्षिका टीनू कसाना ने प्राइमरी स्कूल की बदली सूरत उप जिलाधिकारी मांगेराम ने की हौसला अफजाई ।।


#लाखो शिक्षकों को प्रेरणा देने वाला साक्षात उदाहरण बना गजरौला स्थित प्राथमिक विद्यालय ।।


Amroha
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अमरोहा, जनपद के विकासखंड गजरौला स्थित प्राथमिक विद्यालय मोहम्मदाबाद की प्रधानाध्यापिका टीनू कसाना ने अपनी सैलरी के धन से विद्यालय की जो सूरत बदली है वह न सिर्फ काबिले तारीफ है बल्कि लाखो शिक्षकों को एक प्रेरणा देने वाला साक्षात उदाहरण है एक और घर के पास से ही शिक्षकों को स्कूल में समय से पहुंचना चर्चा का विषय बना होता है वही प्रतिदिन दूसरे जनपद से आकर के समयबद्ध विद्यालय में रहकर वह अनुशासन के रूप में अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए  प्रधानाध्यापिका टीनू कसाना ने न सिर्फ विद्यालय का शैक्षिक वातावरण आकर्षित बना दिया है बल्कि लाखों रुपए खर्च कर अपनी सैलरी से स्कूल को चाक-चौबंद करने में लगाकर स्कूल को किसी निजी स्कूल के मुकाबले से भी ज्यादा आकर्षक और प्रभावी बना कर एक उदाहरण प्रस्तुत किया है


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शिक्षिका टीनू कसाना द्वारा अपने निजी धन से स्कूल को मॉडल स्कूल बनाने की चर्चा पूरे जनपद में है तथा इससे प्रभावित होकर जनपद के उप जिलाधिकारी मांगेराम चौहान ने जब टीनू कसाना के प्राथमिक विद्यालय मोहम्मदाबाद का भ्रमण किया तो वहां की चाक-चौबंद व्यवस्था तथा शैक्षिक व भौतिक वातावरण को देखकर बेहद प्रभावित हुए तथा उन्होंने इसके लिए शिक्षिका टीनू कसाना की जमकर हौसला अफजाई की एवं इस आवश्यकता पर जोर दिया कि यदि सभी शिक्षक इसी तरह से पूर्ण मनोयोग से प्राथमिक विद्यालयों के शैक्षिक व भौतिक वातावरण के सुदृढ़ीकरण के लिए कृतसंकल्प हो जाएं तो निजी स्कूल सरकारी स्कूल के सामने बौने नजर आएंगे
यह भी बताना आवश्यक है कि जनपद के उप जिलाधिकारी मांगेराम चौहान स्वयं एक नवाचारी अधिकारी के रुप में जनपद में शैक्षिक सामाजिक व पर्यावरण गतिविधियों को गति देने के लिए पूर्ण मनोयोग से लगे हुए हैं और श्री चौहान के विभिन्न प्रयोगों से उनके कार्यकाल में विभिन्न तहसील क्षेत्रों में पर्यावरण की गतिविधियों को नए आयाम प्राप्त हुआ है जिसका विभिन्न टीवी चैनल व राष्ट्रीय समाचार पत्रों ने व्यापक उल्लेख करते हुए एसडीएम श्री मांगेराम चौहान की इस पहल का दिल खोलकर स्वागत किया है
वहीं शिक्षिका टीनू कसाना के इस प्रभावशाली एवं प्रशंसनीय उल्लेखनीय कार्य के लिए उप जिलाधिकारी मांगेराम चौहान ने प्रशंसा करते हुए कहा कि टीनू कसाना का कृतित्व राष्ट्रीय पुरस्कार के योग्य है लेकिन वह बिना किसी चर्चा के एक मौन साधक के रूप में जिस तरह से अपने प्राइमरी स्कूल को एक मॉडल स्कूल बनाने में सफल हुई हैं वह अत्यंत काबिले तारीफ है बिना किसी सरकारी सहायता या किसी प्राइवेट संस्थान की सहायता के टीनू कसाना जिस तरह से कार्य कर रही है वह अन्य शिक्षकों को एक प्रेरणा देने की सार्थक पहल है.


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गौरतलब है कि एक ओर जहां कुछ शिक्षक सरकारी या निजी संस्थानों की सहायता से अपने विद्यालयों में कुछ गतिविधियां संचालित कर वाह-वाह लूटते हैं वहीं एक मिशनरी भावना से स्कूल की कायापलट करने वाली शिक्षिका टीनू कसाना का यह उदाहरण स्वागत योग्य है